आप किसी भी ‘संज्ञा’ को परिभाषित कर सकते हैं। पर भाव? भाव को एक नाम देना मात्र, उसको परिभाषित नहीं करता। ना हीं, ये उस शब्द-विशेष तक सिमित है।
हर सदी के, हर उम्र के लोगों ने प्रेम को परिभाषित किया है। लाज़मी, प्रेम की व्याख्या व्यक्ति विशेष पर निर्भर करती है। मैं अपना दृष्टिकोण रखता हूँ।
प्रेम सब भावों का सार है। या यूँ कह ले, हर भाव का प्रेम से ओत-प्रोत है। प्रेम है, इसलिये द्वेष भी है, और ईर्ष्या भी। प्रेम है, इसलिये अपेक्षा है, और तिरस्कृत होने पर, इसका मलाल भी।
एक ‘भाषा’ की तरह, इसका विकास भी मानव सभ्यता के विकास का परिमाण है। जहाँ प्रेम है, वही अपका कुटुम्ब है।
पर क्या आप स्वछन्द रुप से ये कह सकते हैं, कि आप किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम करते हैं? शायद नहीं।
मैं मानता हूँ, जहाँ प्रेम है, वहाँ इसके संदर्भ को संबोधित करने की जरूरत नहीं। प्रेम को उच्चारित करना, उसके होने के संदेह का प्रतिक हो सकता है। पर यह उसकी निश्चितता का प्रमाण नहीं है।
एक माता की तरह, एक पिता भी अपनी संतान से प्रेम करता है। एक संतान अपने माता पिता को प्रेम करता है, अपने भाई-बहनों को प्रेम करता है। दो मित्रों में प्रेम होता है। पर क्या वो अपने नाते-रिश्तेदारों से प्रेम करता है? जरुरी नहीं। अगर ऐसा होता, तो बस कुछ रिश्तेदार हीं करीबी नहीं होते।
मैं इसे एक “सोशल कोंट्रेक्ट” की तरह देखता हूँ, जहाँ आपकी पूछ तभी तक है, जब तक आप उनमें और उनके विधानों में सम्मिलित हैं। अत: एक परिवार के अलावा, आपको नि:स्वार्थ प्रेम सिर्फ एक मित्र कर सकता है। वो भी तभी तक, जब तक वो आपसे प्रेम पाता रहे।
एक समुदाय, सामान्य सजन्नता से बनता है, पारस्परिकता से बनता है। प्रेम, इस सजन्नता का अन्तिम चरण मात्र है। प्रेम एक कुटुम्ब को मित्र बनाता है, मित्र कुटुम्ब नहीं बनता।
प्रेम की अभिव्यक्ति हो जरुरी नहीं, प्रेम हो, ये जरुरी है। लोग अक्सर, प्रेम और प्रेम के दिखावे में अन्तर समझ हीं जाते हैं। जाहिर है, आप प्रेम को समझते हैं, आप इसे व्यक्त कर पाये या नहीं।
Note- ये लेखक के अपने विचार हैं।
Hello, everyone! If you liked this Article, do check out the related posts. Comment and like if you would like to read more similar works from the author. And don’t forget to share this on your social media channels.

Hi, my name is Abhishek Kumar. I am a law student, currently pursuing B.B.A., LL.B. from CNLU, Patna. I am a Movie Buff for the major part. For the rest, I channel my qi through writing, building stuff and reading.
Instagram – https://www.instagram.com/superman_signingoff/
Email – kundanabhishek94@gmail.com