ज़रा सा हौंसला

सोई हुई सी ख्वाहिशें की बात सबने की थी,
मैं बस ज़रा सा हौंसला लिए चल पड़ा हूं।
दबी हुई थी कब्र में जो मेरी ज़िन्दगी,
मैं बस ज़िन्दगी में जान भरने चल पड़ा हूं।

ना खौफ मुझको सूर्य का।
ना बारिशों का है डर।
मैं खुदमे एक तूफान रख लिए निकल पड़ा हूं।
जो रास्ते में आए सौ मुसीबतें खड़ी,
मैं दुआएं सर बांध उनसे भिड़ने चल पड़ा हूं।

अब नींद से भी मेरी थोड़ी दुश्मनी हुई है ,
जो अब ये मेरी दोस्ती अपने होश से हुई है।
मेरी निगाहों में है रहता अब यह आसमान,
जबसे खोलकर के बाहें रोशनी मेरी हुई है।

हां नाकामियों की भी मुझसे बात सबने की थी ,
मगर तर्क , तजुर्बों का , मैं दिए चल पड़ा हूं।
ना रास्तों का इल्म , ना सफ़र की मुझे समझ थी ,
मैं बस ज़रा सा हौसला लिए चल पड़ा हूं। 


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Hey, my name is Abhimanyu Singh Gurjar . I have completed my B.Sc. from science college . I love travelling , reading books , listening music , watching movies , etc . I am a type of person who will be watching Hera Pheri and at the same time will fall for The Fault in Our Stars .

Email: agurjar1999@gmail.com

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