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तुम्हारा अपना तकिया!

Editor: Mrinali

Photo by Daria Shevtsova on Pexels.com

एक अटुट सा रिश्ता है तेरे मेरे बीच,

तेरी आंखें रोती है, तो मैं उन्हें सोख लेता हूं,

तेरे सर में दर्द हो तो लेले मुझे सिरहाने,

तेरी गर्दन में तकलीफ़ हो तो मुझे बना लें अपना साथी,

तेरा मेरा रिश्ता जैसे आंसू और तकीया ,

तेरा हर ग़म मुझसे गुजरता है, 

तेरी हर खुशी की खिलकारियां मुझसे पार होती है,

वो पहला इश्क , 

वो पहली खुमारी,

वो पहला दिल का लगाना ,

वो पहला दिल का टुटना,

सब याद है मुझे,

सब काफी संजो कर रखा है मैंने,

वो उसकी पहली झलक देखने कि तलब,वो उससे मिलने की उलझन, 

सब याद है मुझे,

 // तुम्हारा अपना तकिया,पर ना हैं तुमसे शिकायते ना हैं कोई शिकवे,

पर आज भी तुम्हारी याद बहुत आती है, जब‌ कोई और मुझे सिरहाने रखता है//


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I’m Ekta Rai, and I like communicating and expressing my thoughts through my write ups. I’m in my final year of BA Mass Communication and I am good with content writing, audio editing, voice overs, photography.

Email- ekta.tsk321@gmail.com

Instagram- https://www.instagram.com/_____ekta____

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